दिल्ली

दिल्ली की येलो लाइन मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशन पर खड़े होते हुए ये गर्म हवा का जो झोंका मेट्रो के आने का इशारा करता है, ये हिमाचल से आने के बाद बेमानी सा लगता है। ये हवा के झोंके ना जाने कितने लोगों की, कितनी जगहों की और कितनी ही सड़कों की गन्ध लेकर आते हैं। सुबह हो या शाम, ये एक सा ही एहसास कराते हैं। जैसे पूरा शहर एक साथ सांस लेने की कोशिश कर रहा हो, ये हवा बहुत कुछ बताती है। इस हवा में कहानियां हैं और मक्कारी भी है। कहीं-कहीं पर तो बेतहाशा हताशा इस हवा में, और फिर उसके बाद मौके हैं। थका देने वाली होती है ये, और लोग थक-हार कर सो भी जाते हैं, लेकिन ये कम्बख्त नहीं सोती एक पल को भी। यहां की हवा उस औरत की तरह है जिसके पति को आतंकियों ने मार दिया हो, और वो बेसबूरों की तरह उन्हीं आतंकियों के बीच अपने पति की लाश लेकर घूम रही हो, जैसे बंदरिया अपने मरे हुए बच्चे को सीने से लगाकर तब तक घूमती है जब तक वो सड़कर गिर ना जाए।

इंसान के पास पैर‌ और चालाकी हैं, इस बदहवास हवा को थोड़ा और पागल बनाकर वो तो निकल लेते हैं कहीं और, कोसते हुए इसे। और ये बेचारी, रोती रहती है, कभी जोरबाग में, कभी जनकपुरी में, कभी समयपुर में, तो कभी नोएडा में।

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The Snow Is Gone

As the snow descends your bower,

Do you muse for the haze and cold?

In your sight, the ravens flutter.

Like a barren scape, shell your body holds;

To the cold bones of the mountain high,

Out for the dearth of an incandescent eye,

Rued in the ruins of a rumbling sigh,

Does the snow speak? Does it talk about I?

As the cold covers when I’m not around?

It’s an epiphany of a forgotten feel,

Like an avalanche your body reels.

Oh, does the snow remind you of,

The cold fingers that once ran on?

The cold feet to walk with you?

And a cold heart’s icicle spawn?

Oh my dear, the snow is gone,

So are the muse, the love and songs.

Seams

I saw you in my dream today,

Laughing at me like a summer sun

These trees that rustle now call your name

But leads know you’re on the run.

I sat beside you by the lake,

And looked across the velvet sky,

There’s nothing out there in empty shells

The stars, they burn your auburn eyes.

My lover was there with me to see;

It’s sad to see I lost you though.

Would you have stayed if for once?

You tried to know what now I know.

This rain, these trees and all this place

Sounds damp like a drenched sal,

I hope you knew there’s more to it

I try to bury, ‘we had it all.’

Now you’d not know I miss you still

And take you to my hazy dreams,

Where world is mine and you’re a doll

I keep safe deep in my seams.